Category Archives: मेरा लेख (देश-नागरिक-व्यवस्थाएं)

शिक्षक के शिक्षकीय भाव

*शिक्षण चक्रकाल में क्या शिक्षक की परीक्षा का भी आयोजन होना चाहिए,,,,,* अच्छा अब शिक्षकों की भी परीक्षा होगी ? जीवन भर जो शिक्षा दे रहे उनके ज्ञान पर क्या प्रश्न चिन्ह ? अरे हमारे पढ़ाये कितने बड़े बड़े पद पर ,पहुंच गए और आज ये दिन ,,,,,,,? परीक्षा,,, परीक्षा तंत्र पर भी कई अनुत्तरित […]

मुझे शिकायत है। रोड टोल टैक्स सुविधा

*मुझे शिकायत है* आप सभी टोल रोड कभी न कभी उपयोग किये होंगे । टोल रोड सुन्दर साफ़ सुथरी व तेज गति के वाहनों के लिए बेहद उपयोगी है । पर मुझे शिकायत है ईंनके टोल वसूलने पर ? जब हम भारतीय कर निर्धारण पध्दति के अनुसार वाहन रजिस्ट्रेशन के साथ ही रोड टेक्स सरकार […]

आज की समस्या जाति धर्म या,,,,,

*आज की समस्या* *जाति वाद* जाति वाद क्या सचमुच समस्या ? सारे विश्व में जन समुदाय अपने अपने वर्चस्व के लिए, अस्तित्व बचाने के लिए ही एक जुट रहने के लिए विभिन्न उपाय किये । जिनमें जाति, धर्म , भाषा, बोली , क्षेत्र फिर रंग पर अपने अपने गुट बनते गए । *आज सारे विश्व […]

जाति वाद संमस्या राजनितिक

जाति वाद की मूल संमस्या ऐसा होता है , या कौव्वा कान लेगया ? इस पर आधारित प्रतिक्रिया हमेशा तर्क आश्रित नहीं कुतर्क पर होता है। आज जब हम चंद्र, मंगल और अब सौर मंडल के सिरमौर, आदित्य मिशन की तैयारी कर रहे तब कौन जाति को सम्हाल कर, अपना तुष्टि करण कर रहा? कहानी […]