Category Archives: मेरा लेख (समय और बच्चे )

किशोरावस्था और मानसिक तनाव

*किशोरा अवस्था में मानसिक तनाव के कारण* किशोरा अवस्था :– बच्चे बच्चे न रहे, नहीं वे बड़े हुए। तो ,,,, ये समय हर लड़के ,लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण शारीरिक विकास का काल होता है। जिस समय अनेक शारीरिक बदलाव से स्वयं जहाँ वह अंदरूनी रूप से सामना कर रहा/ रही होता/होती । वहीं समाज में […]

बाप और बेटी

बाप,माँ की तरह बेटी को नौ महीने कोख में नहीं पालता, लेकिन उस नौ महीने तक बाप की साँस भी हलक में ही अटकी सी रहती है। बेटी की पहली आवाज़ और पहली छुअन माँ को महसूस करने का वरदान है पर जब बेटी बाप की गोद में आती है तो लगता है उसका मुकम्मल […]

बुक फेयर……!

पुस्तक मेले महज़ यादें…….! विद्यालयों में पुस्तक मेले के बड़े पैमाने पर आयोजन हुआ करते थे।आज समय इतना फ़ास्ट हो गया है कि फ़ास्ट फ़ूड के साथ साथ जीवन शैली भी फास्ट होती जा रही है।हमारे माता पिता हमारी युवा पीढ़ी को न्यू जनरेशन कहते थे, किन्तु आज की युवा पीढ़ी तो इंटेरनेट जनरेशन बन गई है, […]