Category Archives: तराने

मुहब्बत हमारी भुलाना भी चाहो

आज पेश है एक नगमा =============== मुहब्बत हमारी भुलाना भी चाहो क़सम से तुम्हें हम भुलाने न देंगे | मिटाना भी चाहो जो तिरछी लकीरें मुक़द्दर की, इनको मिटाने न देंगे | *** अजल* से है बंधन हमारा तुम्हारा कभी आज तक भी ये टूटा नहीं है | (*सृष्टि के आरम्भ ) नया रूप लेकर […]