Category Archives: शेर (मोहब्बत)

जब तक जान बाकी है ।

1- देखी जो नब्ज मेरी हकीम भी घबरा गया बोला ये लाइलाज रोग तूने कैसे पा लिया ! 2- सांस बनकर रहती है तू मेरे संग, तू है तो आज मैं जिन्दा हुं ! 3 बार -बार देखती मैं घड़ी , हर पल जिंदगी आगे बड़ी रोकती भी तो कैसे , वक़्त की थी फुलझड़ी […]

कल तलक…

कल तलक जो खुशनुमा ख़ाब थे, अहसास थे देखते ही देखते बेज़ार हो गये । —- राजश्री— **** दबा पलकों के चिलमन में हजारों आशिकों के दिल, बड़ी नाजो-अदा से हम कभी इठलाया करते थे।—राजश्री—