Category Archives: शेर (संदेशात्मक)

अहसास-ए- कमतरी

दुनिया को दिखाते हैं जो उन सा कोई नहीं अहसास-ए-कमतरी के सताए हुए हैं वो भरत दीप अहसास ए कमतरी = हीन भावना, inferiority complex

मुर्दों से डर नहीं लगता मुझे

अब कब्रिस्तान में मुर्दों से डर नहीं लगता मुझे। जिन्दा इंसानों को देखकर पसीना आता है।। – कवि योगेंद्र तिवारी

इंसान तेरी फितरत ही बहुत है

मौसम ने मिज़ाज बदलना कुछ बंद सा कर दिया पूछा तो कह दिया इंसान तेरी फितरत ही बहुत है – कवि योगेंद्र तिवारी