Category Archives: ग़ज़ल (मोहब्बत)

“मैं सोचता हूँ”

°°° क्या है इश्क़-मोहब्बत-प्यार , मैं सोचता हूँ । क्या इनपे टिका है संसार , मैं सोचता हूँ । •• कुछ का वक़्त गया तो राय भी हो गया अलग , क्यों लगे इनको खरपतवार , मैं सोचता हूँ । •• मगर सब एक तरह हों , ये भी ज़रूरी नहीं , कुछ बचा लेते […]

देख के देखती सी रहती है

ज़िन्दगी क्यों बुझी सी रहती है आँख में कुछ नमी सी रहती है ख़्यालों के आँगन में कहीं गुम सी ज़िन्दगी अजनबी सी रहती है बेवफ़ा ज़िन्दगी में होके भी बेवफ़ा बे-दिली सी रहती है आह दिल की मेरी भी सुन लेती देख के देखती सी रहती है कुछ खुला सा है मेरे भी दिल […]

“मैं तेरा हो गया…”

°°° रिश्ता तहे-दिल से निभाना , मैं तेरा हो गया । अब कुछ भी बोले ज़माना , मैं तेरा हो गया । •• मेरी आँखों में देख लो , नज़र आओगे तुम , नज़र मुझसे अब न हटाना , मैं तेरा हो गया । •• एक-दूजे के वास्ते इस ज़हां में आये हम , ज़रूरत […]

“ऐ दिल तू ही बता”…

°°° किसके लिए है धड़कता , ऐ दिल तू ही बता ? किसके मन में है बसता , ऐ दिल तू ही बता ? •• तन्हाई दूर निकली , खत्म हुआ फासला भी , अब कौन तुझे क्या कहता , ऐ दिल तू ही बता ? •• ज़िक्र में जब कभी उसका नाम सामने आये […]

“निभाते हम हैं”…

°°° प्यार करते हैं तो हर पल निभाते हम हैं । बहुत मरते हैं तुम पर , ये बताते हम हैं । •• पता है इश्क़ का मरहम है तुम्हारे पास , तभी इस अगिया में ख़ुद को जलाते हम हैं । •• उफ़ ! तेरी मोहक अदा और ये अल्हड़पन , तेरी शोखियों पे […]

“सोने न दिया”…

°°° यादों में आकर कल शब-भर यार ने सोने न दिया । क्या बतलाएँ हाल , हसरते-प्यार ने सोने न दिया । •• रोज ही इश्क़ तैयार कर रहा है नये अफ़साने , कुछ यूँ कहें तो चाहत के रफ़्तार ने सोने न दिया । •• कल वादा किया कि ज़रूर मुलाक़ात होगी हमारी , […]

“प्यार को चहकने दीजिए”…

°°° ख़्याल में जब भी आये कोई , उसे उतरने दीजिए । थोड़ा-सा अहसास को ज़रा घुलने-सँवरने दीजिए । •• अपनी भावनाओं पे यूँ अंकुश लगाना ठीक नहीं , दिल में है अगर कोई सूरत , उसे उभरने दीजिए । •• कुछ आप समझेंगे तो थोड़ा वो समझेंगे आपको भी , एक-दूजे को एक-दूसरे में […]

“अब ज़िद न करो”…

°°° जब आ ही गये हो तो जाने की अब ज़िद न करो । हम बुरे भी नहीं , आज़माने की अब ज़िद न करो । •• तुम्हारी संगत से ही मोहक संगीत निकलता , सब पता है , कुछ और बताने की अब ज़िद न करो । •• अज़ीब मगर सुंदर बिसात है , […]

“कसम से पहले”…

°°° कुछ भी कहना मुनासिब नहीं बढ़ते कदम से पहले । आँख उठाकर देखते क्यों नहीं इक शरम से पहले । •• कितनी शिद्दत से कोई चाहे पता लग जायेगा , हाथ आगे बढ़ा तो ले कोई भी कसम से पहले । •• जी बहलता ही नहीं , अब ये घड़ी और बेताब पल , […]

“बताओ तो”…

°°° २१२२ २१२२ १२२२ आज हम-तुम किधर जायें सुझाओ तो ? राज़ अब ये तुम जरा-सा बताओ तो । •• कौन है जो उधर आ के सताता है ? तुम उसे भी ठीक वैसे सताओ तो । •• ये ज़माना क्या कहेगा पहेली है , हल करेंगे हम इसे , मुस्कुराओ तो । •• मुहब्बत […]

“ज़रा क़रीब से”…

°°° ख़ुदा कसम , तुम मिल गये हो सनम मुझे बड़े नसीब से । आ मेरी ज़िंदगी , देख तो लूँ तुम्हें ज़रा क़रीब से । •• दुश्मनों की कोई कमी नहीं है बेदर्द ज़माने में इधर , मगर सकूं मिल गया जब मिलना हुआ अज़ीज़ हबीब * से । •• तुम्हारी शक्ल में न […]

“सब हूँ मैं”…

°°° कोई गौर करे तब जान पाए सब हूँ मैं । न जाने मुझको तब ज़रूर कहे अज़ब हूँ मैं । •• बैचेनी से ही गुजर जाता है पूरा दिन , रहता अकेला , सरे-रहगुज़ारे-शब * हूँ मैं । •• ये भी सोचने का ज़रा समय नहीं आजकल , किसी की ज़िंदगी में तो कहीं […]

“कोई वास्ता रखना”…

°°° दो दिन की ज़िंदगी में मिलने का बस सिलसिला रखना । हम साथ हों लें , कुछ इस तरह बनाकर रास्ता रखना । •• कदम-कदम बिछे हुए हैं अनगिनत कंटीले काँटें , कब ज़रूरत पड़ जाए , सम्हाल मेरा पता रखना । •• ज़माने ने ज़रूरत के आधार पर पुकारा मुझे , तुझे कुछ […]

“इन दिनों” …

°°° कुछ हसीन सुनहरे ख़्वाब सजने लगा है इन दिनों । हसरतें दिल से बहुत-कुछ कहने लगा है इन दिनों । •• आया था ज़रूर बहुत तेज आँधियों का काफ़िला , मगर देर-सबेर गुबार हटने लगा है इन दिनों । •• तलाश खत्म हुआ खुशग़वार मुहब्बत के पलों का , हसीन पल मेहमान बन रहने […]

वतन के लिए ज़िन्दगी छोड़ दी

वो सुई से भी पतली गली छोड़ दी देख उनको भी हमने हँसी छोड़ दी सारे अफ़साने हमने लिखी छोड़ दी ज़िन्दगी की ये खिड़की खुली छोड़ दी रहनुमा ज़िन्दगी का न मिल पाया ग़र हमने भी अपनी ये ज़िन्दगी छोड़ दी दर्द को रुख़्सत जो दिल से करने लगे दिल से हमने भी उनकी […]

“तेरा साथ”…

°°° आँखों में एक हसीन ख़्वाब है तेरा साथ । मेरे हर सवाल का ज़वाब है तेरा साथ । •• हर बातों को पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं , हर अहसास का एक किताब है तेरा साथ । •• वो तलाश अब जाकर कहीं खत्म हुई तुझपे , प्यासे के लिए एक तालाब है तेरा […]

वफा कर के देख लो

कभी बेवफा से भी वफा कर के देख लो मोहब्बत है कि नहीं ख़फ़ा कर के देख लो कभी आग दबी भी होती है इस राख में चाहो अगर ज़रा सी हवा कर के देख लो भरेगा जख़्म ए दिल तो मुहब्बत से भरेगा सुनो जितनी भी चाहे दवा कर के देख लो पहुँचेगा तुम्हारी […]

याद ऐसे सता रही है

मुझको तुम्हारी याद ऐसे सता रही है तुम हो यहीं कहीं पे खुशबू बता रही है जो कुछ चल रहा है दिल में तुम्हारे वो सब बातें तुम्हारी सूरत मुझको बता रही है सिमटे हुए से पलकों में ख्वाब हैं तुम्हारे जालिम ये नींद लेकिन उनकोे मिटा रहीं हैं महरूम हूँ मैं अब भी आगोश […]

हम   खुदाया  करम  देखते है

आशियाँ   ये  सनम  देखते हैं। फूटे    मेरे    करम   देखते हैं।। काँटों में र हके पायी मुहब्बत। ये   गुलाबों  में  हम  देखते हैं।। ऐसे मुझसे बिछुड़कर वो जैसे। मेरी आँखों को  नम  देखते हैं।। ज़िन्दगी  में  बदलते  है मौसम। हम   खुदाया  करम  देखते हैं।। आँख काजल से चाहे न खोना। उसका ये  वहम हम  देखते […]

“ऐतबार भी बहुत ज्यादा है”…

°°° न कोई वादा , न कोई कसमें , फिर भी साथ जाने का इरादा है । कोई है इक हमसफ़र जिसपे ख़ुद से ऎतबार भी बहुत ज्यादा है । •• क्या-क्या ख़्वाहिश है , एक बार पूछकर देख लिया मेरे हमसफ़र से , अब कुछ न चाहिये कहती है , उसका जीवन इतना सीधा-सादा […]