Category Archives: ग़ज़ल (मोहब्बत)

आज फिर से उस रुख-ए-पुरनूर का आया ख़याल

++ग़ज़ल++(2122 2122 2122 212 ) आज फिर से उस रुख-ए-पुरनूर का आया ख़याल और उसकी दीदा-ए-मख्मूर का आया ख़याल *** झाँक कर माज़ी में जितनी बार देखा ग़ौर से उस शबाब-ओ-हुस्न में मगरूर का आया ख़याल *** दो घड़ी में ख़्वाब जब आँखों से ओझल हो गए तब मुझे अपने दिल-ए-रंजूर का आया ख़याल *** […]

“क्या कह दूँ तुम्हें”…

°°° दिल में सनम कुछ अच्छी बात है , क्या कह दूँ तुम्हें ? कुछ दिलक़श अनकही जज्बात है , क्या कह दूँ तुम्हें ? •• मेरी प्रीत का तेरी गली है आना-जाना , मेरे इश्क़ की शुरुआत है , क्या कह दूँ तुम्हें ? •• कभी मिलने की कसक , कभी ज़ुदा होने का […]

“मुस्कुराना तेरा”…

°°° बेहद याद आता है अक्सर मुस्कुराना तेरा । जाने क्यूँ सताता है अक्सर मुस्कुराना तेरा ? •• ग़मों के अलावा इस ज़हान में कहीं खुशी भी है , हरदम ये बताता है अक्सर मुस्कुराना तेरा । •• तू अगर हँसे तो लगता मानो फूल झर रहे हों , इक सक़ून दिलाता है अक्सर मुस्कुराना […]

तुम मेरी स्वांस हो

पास होना ही तेरा बहुत खास है मैं कहूँ क्या प्रिये तू मेरी स्वास है जिश्म ही रह गया ये मेरे संग है रूह प्रियवर मेरी तो तेरे पास है तुमसे मिलने की मन में मुरादे लिये हर समय जान तेरा ही अहसास है जब भी आती तसव्वुर में मेरे सनम बढ़ती जाती ह्रदय में […]

“ढल जाऊँ मैं”…

°°° जी कर रहा आज तो बह जाऊँ मैं। फ़िज़ा जो कहे उसमें ढल जाऊँ मैं । . कोई पढ़ ले मुझको अगर इक बार , सच में , सुंदर-सा अक्षर बन जाऊँ मैं । . ज़िंदगी के ज़द्दोज़हद में सब हैं बाहर , सब वापस आये अगर तो घर जाऊँ मैं । . इतनी […]

“मेरे हुज़ूर”…

°°° चाहे बात कुछ भी हो , मुझे ज़रूर कहना मेरे हुज़ूर । संगदिल है ज़माना , साथ-साथ बस रहना मेरे हुज़ूर । •• मुझसा कोई और घायल नहीं हो जाए तुम्हें देखकर , अब जरा सोच-समझकर ही तुम यूँ सँवरना मेरे हुज़ूर । •• बेकार ग़म की दुनिया में अब आना-जाना बंद कर दो […]

“जी करता है”…

°°° तेरी जूड़े का फूल बनकर सजने को , जी करता है , तेरे इर्द-गिर्द पूरा ज़हां बनने को , जी करता है । •• मेरी अमिट यादों में तू हो गयी है इस तरह शामिल कि , तेरी साँसों में जीवन भर बस बसने को , जी करता है । •• बना ले मुझे […]

“मैं सोचता हूँ”

°°° क्या है इश्क़-मोहब्बत-प्यार , मैं सोचता हूँ । क्या इनपे टिका है संसार , मैं सोचता हूँ । •• कुछ का वक़्त गया तो राय भी हो गया अलग , क्यों लगे इनको खरपतवार , मैं सोचता हूँ । •• मगर सब एक तरह हों , ये भी ज़रूरी नहीं , कुछ बचा लेते […]

देख के देखती सी रहती है

ज़िन्दगी क्यों बुझी सी रहती है आँख में कुछ नमी सी रहती है ख़्यालों के आँगन में कहीं गुम सी ज़िन्दगी अजनबी सी रहती है बेवफ़ा ज़िन्दगी में होके भी बेवफ़ा बे-दिली सी रहती है आह दिल की मेरी भी सुन लेती देख के देखती सी रहती है कुछ खुला सा है मेरे भी दिल […]

“मैं तेरा हो गया…”

°°° रिश्ता तहे-दिल से निभाना , मैं तेरा हो गया । अब कुछ भी बोले ज़माना , मैं तेरा हो गया । •• मेरी आँखों में देख लो , नज़र आओगे तुम , नज़र मुझसे अब न हटाना , मैं तेरा हो गया । •• एक-दूजे के वास्ते इस ज़हां में आये हम , ज़रूरत […]

“ऐ दिल तू ही बता”…

°°° किसके लिए है धड़कता , ऐ दिल तू ही बता ? किसके मन में है बसता , ऐ दिल तू ही बता ? •• तन्हाई दूर निकली , खत्म हुआ फासला भी , अब कौन तुझे क्या कहता , ऐ दिल तू ही बता ? •• ज़िक्र में जब कभी उसका नाम सामने आये […]

“निभाते हम हैं”…

°°° प्यार करते हैं तो हर पल निभाते हम हैं । बहुत मरते हैं तुम पर , ये बताते हम हैं । •• पता है इश्क़ का मरहम है तुम्हारे पास , तभी इस अगिया में ख़ुद को जलाते हम हैं । •• उफ़ ! तेरी मोहक अदा और ये अल्हड़पन , तेरी शोखियों पे […]

“सोने न दिया”…

°°° यादों में आकर कल शब-भर यार ने सोने न दिया । क्या बतलाएँ हाल , हसरते-प्यार ने सोने न दिया । •• रोज ही इश्क़ तैयार कर रहा है नये अफ़साने , कुछ यूँ कहें तो चाहत के रफ़्तार ने सोने न दिया । •• कल वादा किया कि ज़रूर मुलाक़ात होगी हमारी , […]

“प्यार को चहकने दीजिए”…

°°° ख़्याल में जब भी आये कोई , उसे उतरने दीजिए । थोड़ा-सा अहसास को ज़रा घुलने-सँवरने दीजिए । •• अपनी भावनाओं पे यूँ अंकुश लगाना ठीक नहीं , दिल में है अगर कोई सूरत , उसे उभरने दीजिए । •• कुछ आप समझेंगे तो थोड़ा वो समझेंगे आपको भी , एक-दूजे को एक-दूसरे में […]

“अब ज़िद न करो”…

°°° जब आ ही गये हो तो जाने की अब ज़िद न करो । हम बुरे भी नहीं , आज़माने की अब ज़िद न करो । •• तुम्हारी संगत से ही मोहक संगीत निकलता , सब पता है , कुछ और बताने की अब ज़िद न करो । •• अज़ीब मगर सुंदर बिसात है , […]

“कसम से पहले”…

°°° कुछ भी कहना मुनासिब नहीं बढ़ते कदम से पहले । आँख उठाकर देखते क्यों नहीं इक शरम से पहले । •• कितनी शिद्दत से कोई चाहे पता लग जायेगा , हाथ आगे बढ़ा तो ले कोई भी कसम से पहले । •• जी बहलता ही नहीं , अब ये घड़ी और बेताब पल , […]

“बताओ तो”…

°°° २१२२ २१२२ १२२२ आज हम-तुम किधर जायें सुझाओ तो ? राज़ अब ये तुम जरा-सा बताओ तो । •• कौन है जो उधर आ के सताता है ? तुम उसे भी ठीक वैसे सताओ तो । •• ये ज़माना क्या कहेगा पहेली है , हल करेंगे हम इसे , मुस्कुराओ तो । •• मुहब्बत […]

“ज़रा क़रीब से”…

°°° ख़ुदा कसम , तुम मिल गये हो सनम मुझे बड़े नसीब से । आ मेरी ज़िंदगी , देख तो लूँ तुम्हें ज़रा क़रीब से । •• दुश्मनों की कोई कमी नहीं है बेदर्द ज़माने में इधर , मगर सकूं मिल गया जब मिलना हुआ अज़ीज़ हबीब * से । •• तुम्हारी शक्ल में न […]

“सब हूँ मैं”…

°°° कोई गौर करे तब जान पाए सब हूँ मैं । न जाने मुझको तब ज़रूर कहे अज़ब हूँ मैं । •• बैचेनी से ही गुजर जाता है पूरा दिन , रहता अकेला , सरे-रहगुज़ारे-शब * हूँ मैं । •• ये भी सोचने का ज़रा समय नहीं आजकल , किसी की ज़िंदगी में तो कहीं […]

“कोई वास्ता रखना”…

°°° दो दिन की ज़िंदगी में मिलने का बस सिलसिला रखना । हम साथ हों लें , कुछ इस तरह बनाकर रास्ता रखना । •• कदम-कदम बिछे हुए हैं अनगिनत कंटीले काँटें , कब ज़रूरत पड़ जाए , सम्हाल मेरा पता रखना । •• ज़माने ने ज़रूरत के आधार पर पुकारा मुझे , तुझे कुछ […]