(002-C)
रचनाकार -रचना लिखने की जानकारी

  • 1. रचनाकार -रचना लिखने की जानकारी
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  • 1. ( 07 ) मेरा ब्लॉग-आवाज आज की
     

     

    *पोस्टिंग के लिए उपलब्ध श्रेणियों की सूची नीचे नोट- में न० 07 पर देखें*

    *आपके हाथ में अखबार है और अचानक आप कोई खबर पढ़ कर मन ही मन बुदबुदा उठते हैं।*
    यही कभी कभी टेलिविज़न देख कर , कहीं सुनकर या कभी खुद से ही कोई ख़याल
    या आपका नज़रिया या आपका दिल जो कहता है कि वह जो हो रहा उससे अलग होना चाहिए
    जिसकी वाज़िब वजह भी आपके पास है , चाहे वह फिर
    देश हित की बात हो
    समाज हित या नागरिक हित ,
    शिक्षा व्यवस्था या अंधविश्वास ,
    महिलाओं से सम्बंधित
    या बुजुर्गों की परेशानियाँ ,
    बच्चों के बचपन पर उम्मीदों का बोझ या बच्चों की जवानी के जोश में पिसते देखते दबते माँ बाप ,
    गरीबों की गरीबी ,
    पर्यावरण या खानपान
    इत्यादि इत्यादि
    जो भी कुछ आप कहना चाहते हैं ,सोचते हैं, देखते हैं ,पर कहाँ कहें ,कैसे कहें , और एक से कहें ,दो से कहें या तीन से ,हर बार वही बात उतने ही शब्द बिल्कुल उसी तरीके से कहने को उतना ही वक्त लगाएं , कोई सुनना पसंद करेगा और कोई नहीं ,
    तो कहिए लिख कर अपनी आवाज़ को शब्दों में और साथ मे अपने विचारों को पढ़ने दीजिए काग़ज़दिल के पाठकों को भी और जिनसे भी आप शेयर करना चाहे उन सभी को भी।
    पर कहें इस अंदाज में कि आपकी बात सामाजिक हो और पढ़ने वाला असहमत इंसान भी आपकी बात से एक बार को सहमत हो जाए कि आपकी बात भी सही है और तर्क भी , *आपके लिखने का अंदाज़ भी बोर करने वाला ना हो तभी कोई पूरा पढ़ेगा ,* और ना ही विषय को लम्बा खीचें ।
    अपनी बात कहें
    कुछ इस तरह की *पढ़ने वाले की उम्मीद से पहले आपकी बात ख़त्म हो जाए* और आपकी बात भी उसके दिल में रह जाए।

    पोस्टिंग के लिए उपलब्ध श्रेणियों ( महिला ,सामाजिक इत्यादि ) के अनुसार अपने लेख लिख रख सकते हैं।

    इन्ही श्रेणी में *"श्रेणी मेरी"* आपको विकल्प के तौर पर दिया गया है
    यदि आपको लगता है आपका विषय उपलब्ध श्रेणियों से अलग हट कर है या होना चाहिए तो उस स्थिति में आप श्रेणी को अपना नाम देकर के *श्रेणी मेरी* में पोस्ट कर सकते हैं ,परंतु इस श्रेणी में श्रेणी का नाम लेख की पहली पंक्ति के ऊपर लिखना *अनिवार्य है ।*

    भविष्य में उस श्रेणी की संख्या/उपयोग देखकर एक नई श्रेणी पोस्टिंग के लिए बढ़ा दी जाएगी ,जिसमें आपका सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
    रचना के शीर्षक के लिए अलग से ऑप्शन ,रचना पोस्ट के ठीक ऊपर है।

    *नोट -*
    *(1)* :
    आप हिंदी अथवा हिंदी-उर्दू में लिख सकते हैं।
    मात्राओं की अशुद्धियाँ एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।

    *(02)*
    आपका ब्लॉग मौलिक होना चाहिए।
    आपके ब्लॉग के आंशिक या पूर्ण रूप से मौलिक ना होने पर आपका ब्लॉग अस्वीकृत एवं ब्लॉग पोर्टल से हटा दिया जाएगा ।

    *(03)*
    *आपके ब्लॉग में कुछ भी अति आपत्तिजनक ,अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक ,जातिगत आदि लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको पटल से सीधा ब्लॉक कर दिया जाएगा ।*

    *(04)*
    रचना के साथ इमेज/तस्वीर इस्तेमाल करते वक्त विशेष ख्याल रखें कि उसमें कोई भी अश्लीलता ना झलके, महिलाओं की या अमर्यादित तस्वीर इस्तेमाल ना करके अपनी प्रतिष्ठा ,सम्मान के साथ यहाँ के स्वच्छ साहित्यिक वातावरण का भी ख्याल रखें और दी गई सुविधा का दुरुपयोग की जगह सही इस्तेमाल करें। तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    *(05)*
    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।

    *(06)*
    अपने लेख को शीर्षक अवश्य दें।
    शीर्षक देने के लिए बेबसाइट पर रचना पोस्ट के ठीक ऊपर व्यवस्था (पोस्टिंग बॉक्स ) है।

    *( 07 )*
    *पोस्टिंग के लिए उपलब्ध श्रेणियां*

    *(01)* मेरा ब्लॉग (सम सामयिक घटना)

    *(02)* मेरा ब्लॉग ( महिला)
    *(03)* मेरा ब्लॉग (सामाजिक)

    *(04)* मेरा ब्लॉग (देश-नागरिक-व्यवस्थाएं)

    *(05)* *मेरा ब्लॉग-*(साहित्य, रचनाकार,कलाकार,पाठक)

    *(06)* मेरा ब्लॉग (समय और बच्चे )
    *(07)* मेरा ब्लॉग (श्रेणी मेरी)

    ★★★★★★★★★★★★★★
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  • 2. ( C - 08 ) आँखों देखी कानों सुनी (हैडिंग -सत्य कथा एवं अभिव्यक्ति )
     

     

    *सत्य कथाएँ एवं अभिव्यक्ति*
    हैडिंग में
    *आँखों देखी कानों सुनी*
    श्रेणी पोस्टिंग के लिए उपलब्ध है

    जिंदगी में कई किस्से ,कहानी ,हादसे हमारे साथ घटते हैं या सुनते हैं जो अक्सर हमें याद आ जाते हैं और उस तरह की कोई भी बात ,कहीं चलती है तो हमारी याद में भी वह घटनाएँ आ जाती है और हम रुक नहीं पाते और सुनाने लगते हैं या ज़िक्र करते हैं
    और आपके रुकने पर
    सुनने वाला भी बरबस ही बोल पड़ता है
    *फिर क्या हुआ ?*

    बस ऐसी ही आप बीती ,या किसी भरोसेमंद से सुनी हुई कोई भी सच्ची कहानी या किस्सा आप भी यहाँ सुनाएं अपनी कलम के साथ से
    शब्दों की मधुर आवाज़ से कि पढ़ने वाला दूसरा काम छोड़ दे पर आपके लिखे को बीच में ना छोड़ पाए जब तक कि उसे पूरा ना पढ़ ले।
    क्योंकि कहानी की सच्चाई के साथ आपके बयां करने का अंदाज़ ,खूबसूरती और तरीका ही तय करेगा कि पढ़ने वाला अंत तक पढ़ेगा या बीच में छोड़ देगा । तो बस उठाइये कलम और हो जाइए शुरू लिखना जो चलने लगा है आपके दिमाग में अभी इसे पढ़ते पढ़ते ।

    आपकी जिंदगी की रोमांचकारी , प्रेरणादायी , या अचानक सामने आयी कोई परिस्थिति ।
    आपका स्वयं का अनुभव जो आपको कोई अच्छी सीख दी गया हो ।
    या कोई ऐसी घटना जो आपकी आँखों के सामने घटित हुई हो जो आज भी आपको एक सुखद अनुभूति करा जाती है ।
    आपकी कानों सुनी कोई ऐसी घटना जिसे सुन कर आप को कोई सीख मिली हो , आपको जीवन की कोई विशेष दिशा मिली हो या बहुत ही *आश्चर्यजनक ,यकीन ना कर पाने वाली* , *कोई एक खास रात , कुछ घंटे का सफर या जिंदगी से जुड़ी कोई भी बात।*

    ऐसी *सच्ची घटनाओं* को आप अपनी कलम की खूबसूरती से निखार कर यहाँ पोस्ट/ रख सकते हैं।

    *नोट-*

    *(01)*
    इस श्रेणी में *सिर्फ रचनाकार ही लिख सकते हैं, जो की साहित्यिक विधाओं में भी लिखते हैं*

    *(02)*:
    आप हिंदी अथवा हिंदी-उर्दू में लिख सकते हैं। शब्द संख्या 500 से अधिक ना हो।

    *(03)* :
    आपका लिखा सत्य एवं मौलिक ही होना चाहिए।

    *(04)*:
    उपयुक्त शीर्षक अवश्य दें।
    शीर्षक देने के लिए रचना पोस्ट के ठीक ऊपर ऑप्शन है।

    *(05)*
    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    *(06)* *आपत्तिजनक ,अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक ,जातिगत, किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला आदि लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको पटल से सीधा ब्लॉक कर दिया जाएगा, इसलिए कुछ ऐसा हो तब भी उसका ज़िक्र ना करें एवं शब्दों के चयन में सावधानी बरतें ।*

    **************************
    CONTEN /PATTERN Subject to *Registered Copyright Kaagaz Dil.Com*
    Under *INDIAN COPYRIGHT ACT*
    *****************************
    *आवाज़ आपके दिल की*
    *काग़ज़दिल. कॉम*

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  • 3. (C-01) श्रेणी एवं पाठकों से संबंधित विशेष जानकारी ,निवेदन
     

    *Enquiry* रचनाएँ रचनाकार
    💐💐 *03rd- View*

    *C-01*
    **************

    सभी रचनाएँ अलग हैडिंग्स के अन्तर्गत साहित्यिक विधाओं एवं विषयों के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में रखी गयी हैं
    जैसे कि
    *रचनाकारों की दुर्लभ रचनाओं मे*
    *हैडिंग्स हैं*
    **************
    *काव्य रचनाएँ* ,
    *शेर-ओ-शायरी* ,
    *कहानी*
    *देशभक्ति - वतनपरस्ती*
    *हास्य / व्यंग्य*

    *मेरा ब्लॉग* इत्यादि

    जिनमें रचनाओं को उनकी शैली ,विषय या साहित्यिक विधाओं में रखने के अलावा ,
    *कुछ विधाओं एवं विषय की श्रेणियों को प्रचलित भावों में बाँटने का प्रयास किया है*,
    पाठकों को आपकी कलम की विविधता दिखाने के लिए किए गए इस प्रयास में आपका सहयोग बेहद आवश्यक है

    साथ ही *"अन्य " एवं " श्रेणी मेरी " का ऑप्शन/विकल्प भी दिया है*
    ताकि वास्तव में *भाव अलग होने पर आप रचना को "अन्य" में पोस्ट कर रख सकें ,*

    इसी तरह
    *"श्रेणी मेरी" में यदि आपको लगता है कि आपकी रचना उपलब्ध श्रेणियों से वास्तव में अलग है तब आप श्रेणी को अपनी रचना अनुसार नाम देकर पोस्ट कर सकें*
    *परंतु*
    *" श्रेणी मेरी " श्रेणी में पोस्ट करने पर रचना की पहली पंक्ति के ऊपर आपको श्रेणी का नाम लिखना ही होगा*, भविष्य में उस श्रेणी की संख्या एवं इस्तेमाल देख एक नई श्रेणी वेबसाइट पर पोस्टिंग के लिए बढ़ा दी जाएगी ,जिसमें आपका सहयोग आवश्यक है।

    ( रचना का शीर्षक देने के लिए अलग से ऑप्शन है, पोस्ट के ठीक ऊपर )

    *और सबसे अहम बात*

    *गलत कैटेगरी/श्रेणी में गलत रचना डालने से आपका अपना प्रोफाइल/परिचय आदि भी अच्छा नज़र नहीं आएगा*

    *क्योंकि आपकी लिखी गईं सभी रचनाएँ आपके प्रोफाइल, परिचय इत्यादि के नीचे अलग-अलग*
    *भाव-विधा-विषयों की श्रेणियों में उनकी संख्या सहित नज़र आती हैं उनके अलग अलग ब्लॉक सहित*

    और कोई भी साहित्यप्रेमी आपको और आपकी कलम को आपके प्रोफाइल और अलग-अलग श्रेणियों में मौजूद रचनाओं को उनके *साहित्यिक नाम* से और *भाव* के आधार पर ही खोलेगा और उनकी गुणवत्ता से ही आपको जानेगा ,याद रखेगा
    *और जब कोई पाठक लिखे भाव, विधा,विषय के अनुसार किसी श्रेणी (Category -click ) को क्लिक कर खोलकर पढ़ेगा और उसमें कोई और भाव/विधा/विषय की रचना निकलेगी*
    तो आपका स्वयं का प्रभाव पाठक तथा किसी भी साहित्य प्रेमी पर अच्छा नहीं पड़ेगा और वह आपका प्रोफाइल छोड़ किसी और के प्रोफाइल पर रचनाएँ पढ़कर प्रभावित होगा ।
    और आपका अपनी रचनाओं का संग्रह भी अच्छे से नहीं हो पायेगा , जिनको संजोने के लिए बहुत ही विस्तृत रूप में श्रेणियों को बनाया गया है *जिसमें हिंदी और उर्दू साहित्य की रचनाओं को भी अलग अलग रखने की व्यवस्था खास आपके लिए की है फिर उनमें भी भाव दिए हैं , ताकि आपकी कलम की खूबसूरती और ज्यादा नज़र आ सके ।आपका सहयोग ही इस प्रयास को सफल बना सकता है।*

    इसीलिए यह जानकारी और अन्य बहुत सारी जानकारियाँ बड़ी बारीकी से इन्क्वायरी के माध्यम से रखी गईं हैं ताकि एक-एक बात हमारे संगठन के सम्मानित रचनाकार सदस्य जान सकें।

    प्रोफाइल के नीचे नज़र आती अलग अलग श्रेणियाँ ,रचनाएँ ही आपकी कलम की शान हैं।
    इसलिए उनकी संख्या बढ़ाते वक्त काग़ज़ दिल ने हर संभव प्रयास किया है ना कि कम में समेट के अपना वज़न कम किया या यह कि देखने में कैसा लगेगा ,श्रेणी/कैटेगरी का नाम लम्बा हो जाएगा ,जगह ज्यादा लेगा इत्यादि पर ध्यान देने की जगह 06 श्रेणी से ऊपर SEE MORE का ऑप्शन किया है ,
    *ताकि काव्य रचनाएँ और शायरी की खूबसूरती अलग अलग नज़र आए और उनमें भी भाव में जाकर आपकी कलम की विविधता देखते ही बने जब आपका प्रोफाइल आपकी लिखी रचनाओं से सुसज्जित हो जाए* और आपके पाठक आपकी रचनाओं में खुद को आसानी से तलाश लें ।
    रचना तो 1000 नज़र आएं आपके प्रोफाइल या वेबसाइट पर , लेकिन ये समझ न आए किसे खोलें या क्या पहले पढें , क्योंकि रचना किसी भी विधा में क्यों ना हो , उसमें उसके भाव का बहुत महत्व है ,भाव के लिए तो रचना ने जन्म लिया ,और आधी रचना पढ़ कर यह पता चले कि रचना का सार क्या है, बेहतर है पहले ही समझ आने पर पसंद के भाव,सार के साथ ग़ज़ल/गीतिका या कहानी क्लिक की जाएं।
    लंबाई या जगह ज्यादा लेने से कैसी लगेंगी सोचने की जगह हम यह सोचें कि हम आप यहाँ मौजूद हैं साहित्य के लिए ,रचनाओं के लिए और उन्हें ही अच्छे से जगह देने में संकोच करें ,तो हमारे यहाँ मौजूद होने का क्या महत्व ,हमारी तो शोभा ,शान उन्हीं से है ,उनसे हमारे प्रोफाइल की खूबसूरती ही बढ़नी है।

    बाकी जो भी असुविधा या कमी ,त्रुटि आपको नज़र आएगी उसे वक्त के साथ हम और आप मिलकर दूर करते साथ चलेंगे।

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ काग़ज़ दिल मंच पर आपकी दुर्लभ कलम का समस्त काग़ज़दिल साहित्यसेवी संगठन स्वागत करता है इस्तक़बाल करता है।

    आपका बहुत बहुत शुक्रिया 💐 🙏
    ***********************
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  • 4. ( C-02 ) काव्य रचनाएँ
     

    ★★★★★★★★★★★★★
    ON CLICK
    *C-02*

    *काव्य रचना में उपलब्ध श्रेणियों की सूची ,नीचे नोट- न० 07 में देखें*

    *काव्य रचना* में
    अपनी रचनाओं को आप उनकी साहित्यिक विधाओं के नाम
    ( गीत ,दोहे ,मुक्तक,कविता इत्यादि ) के आधार पर उनसे सम्बंधित श्रेणी को चुन कर ( Select ) पोस्ट कर सकते हैं ।

    कुछ साहित्यिक विधाओं को आपकी कलम की विविधता दिखाने एवं पाठकों की सहूलियत/पसंद के लिए *साहित्यिक विधाओं के साथ कुछ भावों के आधार पर 04 भागों में भी बाँटने का प्रयास किया है।*
    जैसे कि
    *गीतिका - (प्रेम )*
    *गीतिका - (वेदना)*
    *गीतिका - (संदेशात्मक)*
    *गीतिका - (अन्य )*

    *इसमें "अन्य" को विकल्प के तौर पर रखा गया है* यदि आपकी किसी रचना में आपको ऐसा प्रतीत होता है कि आपकी उस रचना का भाव उपलब्ध भाव की श्रेणियों से अलग है या अलग होना चाहिए , उस स्थिति में *अन्य* वाली श्रेणी में अन्य भाव की रचनाएँ भी पोस्ट कर रख सकते हैं ।

    *नोट*
    *(01)*
    आपकी रचना हिंदी में होनी चाहिए।
    मात्राओं एवं शब्दों के सही इस्तेमाल एवं रचनाओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।

    *(02)*
    रचना के साथ *इमेज/तस्वीर* इस्तेमाल करते वक्त विशेष ख्याल रखें कि उसमें कोई भी अश्लीलता ना झलके, महिलाओं की या अन्य कोई भी अमर्यादित तस्वीर इस्तेमाल ना करके अपनी प्रतिष्ठा ,सम्मान के साथ मंच के स्वच्छ साहित्यिक वातावरण का भी ख्याल रखें और दी गई सुविधा के दुरुपयोग की जगह सही इस्तेमाल करें।
    *तस्वीरों के चयन के लिए आप pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।

    *(03)*:
    आपकी रचना मौलिक ही होनी चाहिए ।
    ।यदि आपकी रचना किसी और की पाई गई और रचना के वास्तविक रचनाकार के *REPORT* करने पर वास्तविक स्थिति के आकलन के बाद *संगठन से आपकी सदस्यता निरस्त की जा सकती है।*

    *(04)*
    अपनी रचना उपयुक्त श्रेणी में ही रखें अन्यथा किसी विशेष परिस्थिति में ही आपको सूचित किया जाएगा, वरना आपकी रचना पटल पर से हटा दी जाएगी।

    *(05)*
    : *आपकी रचना में कुछ भी अति आपत्तिजनक ( अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक, जातिगत, किसी धर्म, व्यक्ति विशेष को ठेस ,अपमानजनक आदि ) लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको ब्लॉग पोर्टल से सीधा ब्लॉक कर,सदस्यता निरस्त कर दी जाएगी ।*

    *(06)*:
    अपनी *रचना को शीर्षक अवश्य दें* ,उसके बिना रचना पोस्ट नहीं हो पाएगी ।
    शीर्षक देने के लिए वेबसाइट पर रचना पोस्ट के ठीक ऊपर व्यवस्था है।

    *(07)*
    *काव्य रचनाओं में उपलब्ध श्रेणियों की सूची*

    *(1)* गीतिका (प्रेम)
    *(2)* गीतिका (वेदना)
    *(3 )* गीतिका(संदेशात्मक)
    *(4)* गीतिका (अन्य)

    *(5)* गीत (प्रेम)
    *(6)* गीत (वेदना)
    *(7)* गीत (संदेशात्मक)
    *(8)* गीत (अन्य)

    *(9)* मुक्तक (प्रेम)
    *(10)* मुक्तक (वेदना)
    *(11)* मुक्तक(संदेशात्मक)
    *(12)* मुक्तक (अन्य)

    *(13)* कविता (प्रेम)
    *(14)* कविता (वेदना)
    *(15)* कविता(संदेशात्मक)
    *(16)* कविता(अन्य)

    *(17)* दोहे
    *(18)* पद
    *(19)* नवगीत
    *(20)* भजन
    *(21)* कुंडलियाँ
    *(22)* क्षणिकाएँ
    *(23)* घनाक्षरी
    *(24)* तेवरी

    (उपरोक्त सभी श्रेणियां एक साथ *काव्य रचनाएँ हैडिंग में श्रेणी के तौर पर पोस्टिंग के लिए मौजूद हैं* )
    ★★★★★★★★★★★★★

    ************************************
    *कृपया अपनी रचना को उससे सम्बंधित विधा ओर भाव में रखने पर विशेष ध्यान दें* ,इस संदर्भ में ऊपर मौजूद
    *( C -01)* श्रेणी एवं पाठकों से सम्बंधित जानकारी एवं निवेदन
    *पर क्लिक कर पढ़ने की कृपा करें*
    ****************************

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  • 5. (C-03) शेर-ओ-शायरी
     

    ★★★★★★★★★★★
    ON CLICK

    *C -03* *शेर-ओ-शायरी*
    *****************************

    *शेर-ओ-शायरी में मौजूद श्रेणियों की सूची नीचे , नोट - में न० (07 ) पर देखें*

    *शेर-ओ-शायरी* में
    अपनी रचनाओं को आप उर्दू साहित्य की विधाओं
    ( ग़ज़ल ,नज़्म, शेर इत्यादि ) के आधार पर उनसे सम्बंधित *श्रेणी को चुन कर* पोस्ट कर रख सकते हैं ।
    कुछ साहित्यिक विधाओं/शायरी को आपकी कलम की विविधता दिखाने एवं पाठकों की सहूलियत/पसंद के लिए
    *कुछ भावों में भी बाँटने की कोशिश की गई है*

    *जैसे कि*
    ग़ज़ल - ( मोहब्बत )
    ग़ज़ल - ( दर्द )
    ग़ज़ल-( संदेशात्मक)
    ग़ज़ल - ( अन्य )

    इसमे *अन्य* को विकल्प के तौर पर रखा गया है ।
    यदि आपकी किसी शायरी में आपको ऐसा महसूस होता है कि आपकी शायरी मौजूद भाव की श्रेणियों से अलग है या अलग होना चाहिए , उस हालात में *अन्य* वाली श्रेणी को चुन कर पोस्ट कर सकते हैं ।

    *नोट -*
    *01*:
    आपकी शायरी हिंदी-उर्दू में ही होनी चाहिए
    तथा हर्फ़ों के इस्तेमाल औऱ मात्राओं एवं गुणवत्ता का ख़ास ख़याल रखें ।

    *(02)*
    शायरी के साथ इमेज/तस्वीर इस्तेमाल करते वक्त विशेष ख्याल रखें कि उसमें कोई भी अश्लीलता ना झलके, महिलाओं की या अन्य कोई भी अमर्यादित तस्वीर इस्तेमाल ना करके अपनी प्रतिष्ठा ,सम्मान के साथ यहाँ के स्वच्छ साहित्यिक वातावरण का भी ख्याल रखें और दी गई सुविधा का दुरुपयोग की जगह सही इस्तेमाल करें। तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।

    *03*:
    आपकी शायरी मौलिक/ख़ुद की लिखी हुई ही होनी चाहिए ।
    यदि आपकी रचना किसी और की पाई गई और रचना के सही रचनाकार के *REPORT* करने पर वास्तविक स्थिति के आकलन के बाद *संगठन से आपकी सदस्यता भी निरस्त की जा सकती है।*

    *(04)*:
    शायरी को उससे ताल्लुक़ रखने वाली श्रेणी/ केटेगिरी में ही रखें ऐसा ना करने पर किसी ख़ास हालात में ही आपको जानकारी दी जाएगी वरना आपकी शायरी ब्लॉग पोर्टल से हटा दी जाएगी।

    *(05)*:
    *आपकी शायरी में कुछ भी अति आपत्तिजनक (हिंसात्मक राजनीतिक,अश्लील,किसी धर्म,जातिगत, देश आदि )एवं व्यक्ति विशेष की भावनाओं को तकलीफ पहुँचाती या बेइज्जत करती पाए जाने के हालात में आपको बिना कोई ख़बर किये ब्लॉग पोर्टल से ब्लॉक कर दिया जाएगा ।*

    *(06)*
    आप अपनी रचना को खूबसूरत शीर्षक अवश्य दें ।
    शीर्षक देने के लिए बेबसाइट पर रचना पोस्ट के ठीक ऊपर व्यवस्था है।

    *( 07 )*
    *शेर-ओ-शायरी में मौजूद श्रेणियों की सूची*

    *(1)* ग़ज़ल (मोहब्बत)
    *(2 )* ग़ज़ल (दर्द)
    *(3)* ग़ज़ल (संदेशात्मक)
    *(4)* ग़ज़ल (अन्य)

    *(5 )* .कता/रूबाई (मोहब्बत)
    *(6)* .कता/रूबाई (दर्द)
    *(7)* .कता/रूबाई(संदेशात्मक)
    *(8)* .कता/रूबाई (अन्य)

    *(9)* शेर (मोहब्बत)
    *(10)* शेर (दर्द)
    *(11)* शेर (संदेशात्मक)
    *(12)* शेर (अन्य)

    *(13)* नज़्म (मोहब्बत)
    *(14)* नज़्म (दर्द )
    *(15)* नज़्म (संदेशात्मक)
    *(16)* नज़्म (अन्य)

    *(17)* तराने
    *(18)* नात

    ( ऊपर लिखी सभी श्रेणियां एक साथ *शेर-ओ-शायरी* में श्रेणी के तौर पर पोस्टिंग के लिए मौजूद हैं )
    *************************
    *विशेष नोट*
    गुज़ारिश है कि अपनी रचना/शायरी को उससे ताल्लुक़ रखने वाली विधा/ भाव में पोस्ट करने पर जरूर ध्यान दें ,इस बारे में ऊपर लिखे हुए
    *"( C -01) रचनाकारों के लिए विशेष जानकारी रचनाओँ एवं पाठकों से सम्बंधित"*
    *पर क्लिक कर जानकारी कर लें ।*
    ★★★★★★★★★★★★★
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  • 6. ( C - 04 ) देशभक्ति - वतनपरस्ती एवं हास्य / व्यंग्य
     

     

    देशभक्ति - वतनपरस्ती *एवं* हास्य / व्यंग्य
    में कोई अन्य श्रेणी नहीं है , यह अलग अलग हैडिंग के रूप में उपलब्ध हैं , जिनमें श्रेणी के तौर पर इन्हें चुन कर
    *देशभक्ति - वतनपरस्ती*
    अथवा
    *हास्य / व्यंग्य*
    से सम्बंधित कोई भी *रचना / शायरी* पोस्ट कर सकते हैं ।

    *नोट -*
    *(01)*
    आपकी रचना / शायरी हिंदी / हिंदी-उर्दू में होनी चाहिए
    तथा शब्दों के इस्तेमाल , मात्राओं एवं गुणवत्ता का ख़ास ख़याल रखें ।

    *(02)*
    रचना / शायरी के साथ इमेज/तस्वीर इस्तेमाल करते वक्त विशेष ख्याल रखें कि उसमें कोई भी अश्लीलता ना झलके, महिलाओं की या अन्य कोई भी अमर्यादित तस्वीर इस्तेमाल ना करके अपनी प्रतिष्ठा ,सम्मान के साथ यहाँ के स्वच्छ साहित्यिक वातावरण का भी ख्याल रखें और दी गई सुविधा का दुरुपयोग की जगह सही इस्तेमाल करें।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    *(03)*
    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।

    *(04)*:
    आपकी रचना / शायरी मौलिक ही होनी चाहिए ।
    यदि आपकी रचना किसी और की पाई गई और रचना के सही रचनाकार के *REPORT* करने पर वास्तविक स्थिति के आकलन के बाद *संगठन से आपकी सदस्यता भी निरस्त की जा सकती है।*

    *(05)*:
    शायरी को उससे ताल्लुक़ रखने वाली श्रेणी/ केटेगिरी में ही रखें ऐसा ना करने पर किसी ख़ास हालात में ही आपको जानकारी दी जाएगी वरना आपकी शायरी ब्लॉग पोर्टल से हटा दी जाएगी।

    *(06)*:
    *आपकी शायरी में कुछ भी अति आपत्तिजनक (हिंसात्मक राजनीतिक,अश्लील,किसी धर्म,जातिगत, देश आदि )एवं व्यक्ति विशेष की भावनाओं को तकलीफ पहुँचाती या बेइज्जत करती पाए जाने के हालात में आपको बिना कोई ख़बर किये ब्लॉग पोर्टल से ब्लॉक कर दिया जाएगा ।*

    *(07)*
    आप अपनी रचना को खूबसूरत शीर्षक जरूर दें ।
    शीर्षक देने के लिए बेबसाइट पर रचना पोस्ट के ठीक ऊपर व्यवस्था है।

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  • 7. ( C - 05 ) बच्चों के लिए
     

    *ENQUIRY*. 3rdview

    *पोस्टिंग लिए उपलब्ध श्रेणियों की सूची नोट - में न० (07) पर देखें*

    बच्चों की रचनाओं के लिए श्रेणियां साहित्य की विधा के आधार पर दो रूप में उपलब्ध हैं जिनके अंतर्गत उपलब्ध श्रेणियों में आप अपनी रचनाएँ पोस्ट कर सकते हैं।

    *1*
    *काव्य रचनाएँ*
    **************
    *2*
    *कहानियाँ / लघु कहानियाँ*
    ************************

    ★ *बाल कहानी के लिए* शब्द सँख्या कम से कम *400 शब्द* तथा अधिकतम *600 शब्द* अनिवार्य है ।

    ★ *बाल लघु कहानी* के लिए शब्द सँख्या कम से कम *125 शब्द* तथा अधिकतम *275 शब्द* अनिवार्य है ।

    *नोट -*

    *(01)*
    आपकी रचना हिंदी / हिंदी -उर्दू में होनी चाहिए ।
    मात्राओं की अशुद्धियाँ नही होनी चाहिए। प्रयास करें कि भाषा की सरलता भी बच्चों के मुताबिक हो जिससे आपकी रचनाओं को बड़ों की सराहना के अलावा बच्चों का प्रेम भी मिले।

    *(02)*
    आपकी रचना मौलिक होनी चाहिए,
    यदि आपकी रचना किसी और की पाई गई और रचना के वास्तविक रचनाकार के *REPORT* करने पर वास्तविक स्थिति के आकलन के बाद *संगठन से आपकी सदस्यता भी निरस्त की जा सकती है।*

    *(03)*:
    *आप अपनी रचना को बाल मन को ध्यान में रखते हुए सुंदर शीर्षक अवश्य दें* जिससे पाठक को आपकी रचना का सार आपके शीर्षक से पता चल सके।
    शीर्षक देने के लिए बेबसाइट पर रचना पोस्ट के ठीक ऊपर व्यवस्था है।

    *(04)*
    तस्वीर का भी बच्चों की मनोदशा का ख्याल रखते हुए ही इस्तेमाल करें ।
    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।

    *(05)* :
    आपकी रचना बाल मन को ध्यान में रख कर ही रचित होनी चाहिए ।
    यदि आपकी रचना किसी भी प्रकार से बाल मन के विकास में बाधक प्रतीत होती है या उनके दिलों दिमाग पर गलत असर डालने वाली प्रतीत होती है तो आपकी रचना ब्लॉग पोर्टल से हटा दी जाएगी ।

    *(06)*
    आपकी रचना में कुछ भी अति आपत्तिजनक ,अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक ,जातिगत आदि लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको पटल से *सीधा ब्लॉक कर ,सदस्यता निरस्त कर दी जाएगी ।*

    *(07)*
    *पोस्टिंग के लिए उपलब्ध श्रेणियों की सूची*

    *(1)* बाल कविता
    *(2)* बाल नज़्म
    *(3)* बाल गीत
    *(4)* बाल तराने

    *(5)* बाल कहानी
    *(6)* बाल हास्य कहानी

    *(7)* बाल लघु कहानी
    *(8)* बाल लघु हास्य कहानी

    *(9)* बाल सच्ची प्रेरक कहानी

    ★★★★★★★★★★★★★★
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  • 8. ( C-06 ) कहानियाँ एवं लघु कहानियाँ
     

    *पोस्टिंग के लिए श्रेणियों की सूची नीचे नोट - में न० 07 पर देखें*

    *कहानी एवं लघु कहानी* में
    आप इनके लिए उपलब्ध श्रेणी में अपनी रचना पोस्ट कर रख सकते हैं।
    *जैसे की-*
    ★सामाजिक कहानी
    ★कहानी (श्रेणी मेरी)
    इत्यादि

    ★लघु कहानी (सामाजिक )
    ★ लघु कहानी (श्रेणी मेरी)
    इत्यादि

    इनमें में एक श्रेणी *" श्रेणी मेरी"* आपको विकल्प के तौर पर दी गई है।
    यदि आपको लगता है कि आपकी रचना उपलब्ध श्रेणियों से अलग हट कर है , तो उस स्थिति में
    *श्रेणी मेरी* में आप श्रेणी को अपना नाम देकर रचना पोस्ट कर रख सकते हैं ।
    *पर उपरोक्त श्रेणी का नाम , रचना की पहली पंक्ति के ऊपर लिखना अनिवार्य है*
    भविष्य में उस श्रेणी की संख्या/उपयोग देखकर एक नई श्रेणी पोस्टिंग के लिए बढ़ा दी जाएगी ,जिसमें आपका सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
    (रचना के शीर्षक के लिए रचना पोस्ट के ठीक ऊपर अलग ऑप्शन है )

    *(01)* *कहानी के लिए*
    शब्द सीमा कम से कम *400 शब्द* तथा
    अधिकतम *800 शब्द* अनिवार्य है।

    *(02)* *लघु-कहानी के लिए*
    *शब्द सीमा कम से कम 125 शब्द* तथा
    अधिकतम *275 शब्द* अनिवार्य है।

    *नोट-*
    *(01)* आपकी रचना हिंदी अथवा हिंदी-उर्दू में हो सकती है, मात्राओं ,गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।

    *(02)* :
    आपकी रचना पूरी तरह से आपकी लिखी हुई होनी चाहिए,
    आंशिक या पूर्ण रूप से मौलिक ना होने पर आपकी रचना अस्वीकृत एवं ब्लॉग पोर्टल से हटा दी जाएगी । *किसी वास्तविक रचनाकार के प्रामाणिक सूचना , REPORT पर आपकी सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी।*

    *(03)*:
    अपनी रचना को शीर्षक अवश्य दें ।
    इससे पाठक को रचना का भावार्थ समझने में आसानी होगी और वह पढ़ने के लिए पहले उसे प्राथमिकता देंगे।

    *(04)*
    रचना के लिए निर्धारित शब्द सीमा के अनुसार रचना का होना अनिवार्य है।

    *(05)*
    आपकी कोई भी रचना क्रमशः अर्थात कड़ियों में ना हो कर एक ही बार में पूरी हो जानी चाहिए ।

    *(06)*
    *आपकी रचना में कुछ भी अति आपत्तिजनक ,अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक ,जातिगत आदि लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको पटल से सीधा ब्लॉक कर दिया जाएगा ।*

    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    *( 07 )*
    *पोस्टिंग के लिए श्रेणियों की सूची*

    *(1)* सामाजिक कहानी

    *(2)* प्रेम कहानी

    *(3)* रोमांचक कहानी

    *(4)* प्रेरक कहानी

    *(5)* सस्पेंस थ्रिलर कहानी

    *(6)* डरावनी कहानी

    *(7)* कहानी (श्रेणी मेरी)

    *(8)* लघु कहानी (सामाजिक)

    *(9)* लघु कहानी (प्रेम)

    *(10)* लघु कहानी (रोमांचक)

    *(11)* लघु कहानी(हास्य/व्यंग्य)

    *(12)* लघु कहानी (श्रेणी मेरी)

    ★★★★★★★★★★★★★
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  • 9. ( C- 09 ) मेरी गृहस्थी मेरी कलम मेरी डायरी , कलम और मैं (हैडिंग - सत्य कथाएँ एवं अभिव्यक्ति)
     

    ON CLICK
    *C - 09*

     

    *मेरी गृहस्थी मेरी कलम*
    और
    *मेरी डायरी, कलम और मैं*

    *इस श्रेणी में जिस भी एक श्रेणी के लिए लिख रहे हैं उसका नाम शीर्षक के तौर पर अवश्य लिखें ,यदि दोनों को शामिल कर लिख रहें हैं तब शीर्षक कुछ अलग खुद से लिखें*

    *मेरी गृहस्थी मेरी कलम*
    **********************
    में
    आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी ,अपनी गृहस्थी , बच्चे ,अपने काम ,अपनी नौकरी ,अपने बिज़नेस से किस तरह से समय निकाल कर
    या यूँ कहें कि अपनी व्यस्ततम जिंदगी से समय चुरा कर अपने मन में उमड़ते जज़्बात , पनपते ख़यालात और खूबसूरत एहसासों को या अपना दिल हल्का करने को अपनी सबसे अच्छी दोस्त क़लम के जरिये कागज़ पर उतारने के लिए किस प्रकार समय निकाल पाते हैं । घर ,बच्चे ,नौकरी,बिजनेस ,परिवार ,समाज इत्यादि अपनी सारी सामाजिक जिम्मेदारियां निभाते हुए ,
    *आप कैसे दोनों के बीच सामंजस्य बिठा पाते हैं।*
    कई बार ऐसा भी वक्त आया हो जो इसे खुद से अलग करने के हालात बने हो या रोका टोका गया
    *या फिर*
    *कलम ही आपकी गृहस्थी का ज़रिया और सहारा हो*
    तो उस दरमियाँ आते आपके जीवन के संघर्ष तथा लेखनी भी जारी रखनी वह भी अपने दिल की आवाज़ पर लेकिन उधर गृहस्थी के चलते ,टकराती परिस्थितियों और अन्य लोगों की आपसे उम्मीदें ,शर्ते या मजबूरी के समझौते इत्यादि।

    आपके यही सब अनुभव ,परेशानियां पाठकों के सामने रखने का ये एक छोटा सा प्रयास है , ताकि नए रचनाकार आपसे कुछ प्रेरणा ले सकें और बाकी सभी भी रचनाकारों की परिस्थितियों से अवगत हो सकें और सिर्फ़ वाह वाह के अलावा उसके पीछे छिपी जिंदगी भी देख समझ सकें ।

    *अन्य जानकारी अंत में,नीचे नोट में देखें।*

    *मेरी डायरी , कलम और मैं*
    *************************

    बचपन से किशोरावस्था में आते आते बहुत से बच्चे और उम्र के एक पड़ाव तक आते हुए युवा जिनके जीवन में *डायरी* भी अक्सर शामिल हो जाया करती थी या है ।

    वैसे अब डायरी की बात बस यादों का हिस्सा ही बनती जा रही है वरना एक वक्त पर डायरी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा , एक दोस्त ,एक हमराज हुआ करती थी ।

    कभी अपने प्रेम ,एकाकीपन , खुशी या जीवन ,दिन का हर पल ,या दिल हल्का करने की एक कोशिश बस डायरी से हर बात कह लेनी ।

    या फिर यह कि आपने कलम कैसे थामी ,कैसे आपने लिखना शुरू किया , आपके रचनाकार बनने के पीछे की वह सारी बातें, वजह और रचनाकार बनने से पहले की स्थिति और बनने के बाद आपके अंदर जो परिवर्तन आपने महसूस किए ,
    आपने कभी डायरी भी नहीं लिखी पर उम्र के एक पड़ाव पर आकर अचानक आपने लिखना शुरू कर दिया ,उसके पीछे की वजह या आप की पढ़ाई या परिवार में से रचनाकार रहे जिनसे आपको प्रेरणा मिली ,
    *और सबसे मुख्य बात वो शुरुआती दिन जब आपने लिखा तब आपने कैसा महसूस किया और उससे भी महत्वपूर्ण जब आपने अपनी रचना को किसी के सामने रखा*,जरूरी नही वह उस वक्त आपने रचना लिखी थी आपने तो बस अपना दिल हल्का किया हो और फिर निरंतर लिखते लिखते आपके खुद के अंदर आते हुए बदलाव , आपकी सोच और नज़रिए में कलम को लेकर कोई परिवर्तन इत्यादि ।
    अगर अगर आप व्यावसायिक रूप से रचनाकार नहीं हैं या हैं
    या *आज भी आपकी रचनाओं से अलग कोई डायरी जो आपकी साथी है।*

    तो यहाँ भी आप अपने वही अनुभव साझा कीजिये और *काग़ज़दिल* को भी अपनी जिंदगी की डायरी का एक पन्ना समझिए ।

    *नोट*
    *निम्नलिखित नियम उपरोक्त दोनों श्रेणियों के लिए हैं ।*

    *(01)*
    इस श्रेणी में *सिर्फ रचनाकार ही लिख सकते हैं, जो की साहित्यिक विधाओं में भी लिखते हैं।*

    *(02)*:
    आप हिंदी अथवा हिंदी-उर्दू में लिख सकते हैं।
    दोनों में से किसी भी एक अभिव्यक्ति की *शब्द सँख्या 600 शब्दों से ज्यादा नही होनी चाहिए ।*

    *(03)*
    विशेष जरूरी होने पर आप दोनों ही श्रेणियों के लिए एक बार में ही लिख सकते हैं , बाकी प्रयास करें कि अलग अलग ही लिखें।
    दोनों एक साथ लिखने के लिए *शब्द संख्या 700 शब्द से ज्यादा ना हो।*

    *(04)* :
    आपकी अभिव्यक्ति सत्य एवं मौलिक होनी चाहिये।

    *(05)*: आपकी अभिव्यक्ति के नीचे *आपका नाम लिखा होना अनिवार्य है।*

    *(06)*
    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ,आपको बिना सूचित किए ।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    *(07)*
    *मेरी अभिव्यक्ति में कुछ भी अति आपत्तिजनक ,अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक ,जातिगत, किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला आदि लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको पटल से सीधा ब्लॉक कर दिया जाएगा, इसलिए कुछ ऐसा हो तब भी उसका ज़िक्र ना करें एवं शब्दों के चयन में सावधानी बरतें ।*

    **************************
    CONTEN /PATTERN Subject to *Registered Copyright Kaagaz Dil.Com*
    Under *INDIAN COPYRIGHT ACT*
    *****************************
    *आवाज़ आपके दिल की*
    *काग़ज़दिल. कॉम*

    ★★★★★★★★★★★

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  • 10. ( C -10 ) फिल्मी है पर जिंदगी है
     

    *पोस्टिंग के लिए उपलब्ध श्रेणियों की सूची नोट में न० 07 पर देखें*

    किसी से बात करना जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा है जो निरंतर चलता रहता है ,इसी के जरिए हम अपनी सोच ,अपने एहसास ,अपनी जरूरत दूसरे तक पहुँचाते हैं , कभी लिख कर ,कभी आवाज़ से बोल कर तो कभी खामोशी में खुद से भी बातें कर लेते हैं । इसके लिए जो शब्दों का आदान प्रदान होता है संवाद होता है, बस इसी बातचीत को डायलॉग (Dialogue ) कहते हैं । यह जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा होता है पर हम इसे काम नहीं मानते की बात करना भी कोई एक काम है और यह संवाद ,बात हर कोई करता है ।
    इसी बातचीत को अगर हम एक रचना का रूप दें तो यह साहित्यिक विधाओं जैसे नाटक , कहानी ,उपन्यास में जगह ले लेती है ,जहां दो पात्र आपस में बात करते हैं और पढ़ने वाला भी उनकी बातचीत को इस तरह महसूस करता है जैसे कि सब कुछ उसकी आँखों के सामने हो रहा है ,सजीव है और वह कुछ वक्त के लिए उस संवाद को जीने लगता है ओर यह सब निर्भर करता है लिखने वाले की कलम पर ।
    यही संवाद जब शुरू होकर एक अंत तक जाता है तो एक नाटक ,कहानी आदि बन जाता है और इसी के बीच में से कहानी या नाटक का कोई एक चरण , कोई एक वाकया , कोई एक दृश्य जो अपने आप में उस पल ,वक्त के लिए संपूर्ण हो ,मतलब जिस विषय पर संवाद हो रहा है वह समझ आ जाये और समाप्ति से पहले एक संदेश दे जाए ,उसकी बात हम तक पहुँच जाए ,हमें उस संवाद में शामिल कर ले ,तो वही उस नाटक का एक दृश्य ,एक सीन कहलाता है और पात्रों के बीच हो रहा संवाद , डायलॉग ।
    बस तो वही आप यहाँ लिख सकते हैं अपने दमदार पात्रों और संवाद से कुछ ही शब्दों ,पंक्तियों या पूरे नाटक से पढ़ने वाले के मन में अपने लिखे की फ़िल्म चला सकते हैं ।
    इसमें आप नाटक का कोई एक दृश्य भी लिख सकते हैं उसके डायलॉग के साथ जो कि
    *मेरा सीन मेरे डायलॉग* श्रेणी में आप रखेंगे ।
    पूरा नाटक आप जिसमें जिंदगी को सजीव कर देंगे , जो की शुरू से लेकर अंत तक सम्पूर्ण होगा ,यह टुकड़ों में या क्रमशः में नहीं होगा , इसी को
    *नाटक और प्ले करती जिंदगी* में रखेंगे ।
    बस लिखते में अपने लेखन को प्रभावशाली बनाने के लिए कुछ बातें और ब्लॉग पोर्टल /संगठन के स्वच्छ वातावरण के लिए कुछ नियम पढ़ लें।

    ★संवाद की शुरुआत और अंत प्रभावशाली होना चाहिए।
    ★डायलॉग सजीव ,स्वाभाविक और रोचक हों।
    ★ भाषा सरल और व्यवहारिक होनी चाहिए।
    ★संवाद बहुत लंबा ना हो और उत्तर-प्रत्युत्तर साथ आने चाहिए।
    *बाकी आप किसी भी टीवी सीरियल को देख व सुन कर समझ सकते हैं*

    *विशेष नोट-*

    *(1)*
    मात्राओं की अशुद्धियाँ नही होनी चाहिए एवं आप हिंदी अथवा हिंदी-उर्दू में लिख सकते हैं।

    *(02)*
    आपका लिखा मौलिक होना चाहिए।
    आपके सीन/नाटक के आंशिक या पूर्ण रूप से मौलिक ना होने पर आपका ब्लॉग अस्वीकृत एवं ब्लॉग पोर्टल से हटा दिया जाएगा ।

    *(03)*
    *आपके डायलॉग/सीन/नाटक में कुछ भी अति आपत्तिजनक ,अश्लील ,हिंसात्मक ,राजनीतिक ,जातिगत आदि लिखा होने पर बिना किसी सूचना के आपको पटल से सीधा ब्लॉक कर दिया जाएगा ।*

    *(04)*
    रचना के साथ इमेज/तसवीर इस्तेमाल करते वक्त विशेष ख्याल रखें कि उसमें कोई भी अश्लीलता ना झलके, महिलाओं की या अन्य अमर्यादित तस्वीर इस्तेमाल ना करके अपनी प्रतिष्ठा ,सम्मान के साथ यहाँ के स्वच्छ साहित्यिक वातावरण का भी ख्याल रखें और दी गई सुविधा के दुरुपयोग की जगह सही इस्तेमाल करें। तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर देख सकते हैं।

    अश्लील ,भद्दी , अमर्यादित इत्यादि तस्वीर पोस्ट करने पर आपकी पोस्ट हटा दी जाएगी और आपकी *सदस्यता भी निरस्त कर दी जाएगी* ।
    तस्वीरों के चयन के लिए आप *pixabay.com* वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।

    *(05)*
    *अपनी रचना को उपयुक्त श्रेणी में ही रखें*

    *(06)* *अपने सीन/नाटक को शीर्षक अवश्य दें*

    *(07)*
    *पोस्टिंग के लिए उपलब्ध श्रेणियों की सूची*

    *(1)* सीन,डायलॉग (सामाजिक/प्रेरक)
    *(2)* सीन,डायलॉग (प्रेम-मोहब्बत)
    *(3)* सीन,डायलॉग (हास्य/व्यंग)
    *(4)* सीन,डायलॉग (श्रेणी मेरी )

    *(5)* नाटक और प्ले (सामाजिक/प्रेरक)
    *(6)* नाटक और प्ले (प्रेम-मोहब्बत)

    *(7)* नाटक और प्ले (श्रेणी मेरी)

    *श्रेणी मेरी में ,यदि आपको लगता है कि आपकी रचना उपलब्ध श्रेणियों से अलग है तब आप श्रेणी को अपना नाम देकर ,रचना की पहली पंक्ति के ऊपर लिखकर ,श्रेणी मेरी को चुन कर पोस्ट कर सकते हैं ,परंतु इस श्रेणी में नाम देना अनिवार्य है।*
    ★★★★★★★★★★★★★★
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    *Under INDIAN COPYRIGHT ACT*

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  • 11. ( C-11 ) रचनाओं पर कॉपीराइट
     

    काग़ज़ दिल साइट पर मौजूद काग़ज़ दिल द्वारा अपनी बात कहने के लिए लिखे और इस्तेमाल किये गए शेर , तरीके एवं नाम पर काग़ज़ दिल का रजिस्टर्ड कॉपीराइट है।

    सदस्य रचनाकारों द्वारा पोस्ट अथवा प्रेषित की गई किसी भी रचना पर काग़ज़ दिल का निजी स्वामित्व नहीं है । साइट पर मौजूद रचनायें किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा अपने विवेक से पोस्ट की गई अथवा भेजी गई होती हैं ।
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    हम कॉपीराइट कानून का सम्मान करते हैं । साइट पर भूलवश यदि ऐसी कोई भी सामग्री जो कॉपीराइट का उल्लंघन करती है या किसी रचना के कॉपीराइट धारक को उस रचना के काग़ज़दिल साइट पर होने में आपत्ति है तो प्रमाण सहित हमें सूचित करें । सूचना प्राप्त होने पर हम उसे सहर्ष हटाने को प्रतिबद्ध हैं ।
    नियमों का उल्लंघन करने पर रचनाकार की सदस्यता तक निरस्त की जा सकती है।

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  • 12. (C-12) दस्तक कलम की – काग़ज़ दिल ई-पत्रिका एवं प्रिंट पुस्तक
     

    जानकारी तय वक्त पर अपडेट की जाएगी , आप Message Us का इस्तेमाल कर सकते हैं ।

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