काव्य रचना- ( Top Post )

 

दोहा
भक्ति दोहे-कृष्ण का नाम

भक्ति दोहे-कृष्ण का नाम

*दोहे* *(1)* सुबह सुबह हम लेत हैं,श्री कृष्ण का नाम । उनके ही आशीष से, अब हर पल आराम ।। ...
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दोहा
मेहनत पर दोहे

मेहनत पर दोहे

*मेहनत* मेहनत कर कमा रहे ,कैसा गर्द गुबार। मजदूरी छीने गये, कभी आकर उबार ।। सर्द गर्म बरसात पे, करते ...
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गोदभराई

गोदभराई

..........✍️ #गोदभराई मेरी कविता तुम्हारे कवि मन की ब्याहता हुई !! व्याकरण का भाव सौंदर्य उच्चारण के मंत्र शब्द शैली ...
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कहां हो तुम

कहां हो तुम

ढूंडती रहती हूँ तुम्हे भीड़ मे कहां हो तुम? मैं तन्हा अकेली सदा ही तुम्हारे विचारो में खोई रहती हूँ। ...
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रूहानी भी रूमानी भी

रूहानी भी रूमानी भी

रूह मेरी देवधाम हो जैसे और तुम......हां तुम उस देवालय में स्थापित ईश्वरीय मूरत है न तिलस्मी सा बन्धन अपना ...
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दर्द सहज

दर्द सहज

पंक्तिया थोड़ी कठिन हैं ,पर हैं मेरे अल्फ़ाज़ सहज मेरे दिल के कागज़ पर, दर्द के बिखरे अहसास सहज इतनी ...
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कच्चे धागे

कच्चे धागे

यूँ जब भी मुस्कुराते हो, मेरे अश्कों पर तुम। तो मेरा कागज दिल, न जाने कितने टुकडों में बिखर जाता ...
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चेहरा खिला खिला सा है

चेहरा खिला खिला सा है

क्या बात हुई है बतला दो , जो इतनी दूर हो हमसे तुम । आँखों में नमी सी लगती है ...
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तुम्हें भुला न सके

तुम्हें भुला न सके

मेरी सांसों का सूरज दिल की पश्चिम ढल रहा है न जाने किसकी खातिर ये फिर भी जल रहा है ...
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व्यथित मन

व्यथित मन

**व्यथित मन** अरे, सुनो जरा ये कौन रो रहा है ये किसके सिसकने की आवाज है, मैंने इधर उधर देखा, ...
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