शेर-ओ-शायरी – ( Top Post )

 

#ख्वाइशें

#ख्वाइशें

#ख्वाइशे ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ आज भी उन ख्वाईशो से मैं लिपटकर सोता हूँ भले आज वो लाशें ही सही इन ठिठुरती सर्दियों ...
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सच की जमी पर ये जीना अजीब है

सच की जमी पर ये जीना अजीब है

सच की जमी पर ये जीना अजीब है “चली मृत्यु जीवन से मिलने"  नसीब है . जीवन में भरी मृत्यु ...
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रिश्तों की अहमियत का जमाना कहाँ रहा!

रिश्तों की अहमियत का जमाना कहाँ रहा!

गजल छलकने वाले जाम का मयख़ाना कहां रहा! आजकल दिलजलों का ये ठिकाना कहां रहा! वो बैच गए पैसों पर ...
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ग़ज़ल (दर्द)
बेवफा मोहब्बत

बेवफा मोहब्बत

ग़ज़ल रुठकर हमसे यूँ, सताने की सोच रहे हो। दूर होकर भी, तड़फाने की सोच रहे हो। वैसे भी कुछ ...
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ग़ज़ल (दर्द)
ग़ज़ल-प्यार का दर्द

ग़ज़ल-प्यार का दर्द

ग़ज़ल आह...तिरा प्यार तो सितमगर है बहुत। आह...तिरा प्यार तो सितमगर है बहुत। शायद इस सरकार का असर है बहुत। ...
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ग़ज़ल (दर्द)
"कुछ क़सक़ ऐसा भी"...

“कुछ क़सक़ ऐसा भी”…

°°° बेरंग ज़िंदगी को रंगने का , कुछ क़सक़ ऐसा भी । रिश्तों के दरम्यां गुज़रने का , कुछ क़सक़ ...
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क़ता (दर्द)
मासूमियत चेहरे की

मासूमियत चेहरे की

मासूमियत चेहरे की देख फरेबी कहता कौन.. बड़े दिल वालों के दिल में अकेले रहता कौन.. ज़रा ज़रा सी बात ...
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“ज़िंदगी हर कदम इक नई जंग है”…

“ज़िंदगी हर कदम इक नई जंग है”…

°°°जीवन में महसूस करो तो होते कई तरह के रंग हैं ।कुछ भी कर लो यारों , ज़िंदगी हर कदम ...
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“बचा क्या है…?”

“बचा क्या है…?”

°°° किसे मालूम सर पर उसके आज क्या-क्या है ? पुरखों से मिला बहुत कर्जा और बचा क्या है ? ...
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लगा है जख़्म गहरा

लगा है जख़्म गहरा

गज़ल 1222×4 लगा है जख़्म गहरा दिल पे दिखलाया नहीं जाता। इसे समझेगा क्या कोई ये समझाया नहीं जाता। जमाने ...
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