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राजश्री गौड़
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07-01-2018
रचनाकार
सोनीपत , हरियाणा
आँसुओं से जन्म दे दे कर हँसी को एक मंदिर के दिये सा जल रहा हूँ मैं जहाँ धर दूं कदम वह राजपथ है मत मिटाओ पाँव मेरे देख कर दुनियां चलेगी। --रामअवतार त्यागी
* उपलब्धियां प्रकाशित काव्य- संग्रह "धनक ", गज़ल-संग्रह " रात बरसात की" (प्रकाशन आधीन), कविता-कोश में चयनित गज़लें, साहित्यपीड़िया पर रचनायें, चार सांझा-संग्रह व अन्य।
राजश्री
गौड़
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देशभक्ति - वतनपरस्ती (1) मुक्तक (प्रेम) (3) मुक्तक (वेदना) (1) मुक्तक (संदेशात्मक) (2) 40
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