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शाहिद मिर्ज़ा
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07-01-2018
रचनाकार
पत्रकारिता
सरधना ज़िला मेरठ उत्तर प्रदेश
मुझे कितने हसीं ये आइने क़ुदरत ने बख्शे हैं/ मेरे बच्चों में हूबहू मैं ख़ुद को देख लेता हूं। शाहिद मिर्ज़ा शाहिद
सामान्य सामाजिक कार्य के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया।
शाहिद
मिर्ज़ा
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