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Dr.Naresh sagar
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03-03-2018
रचनाकार
doctor
Villages- muradpur,hapur,hapur,hapur/uttar Pradesh/india
देश मे बढते दंगें देखे कपडों वाले नंगे देखे जातिवाद के झगडों में उघते घर घर चंदे देखे अमीरों के बिस्तर पर लूटते जिस्म बडे ही मंदे देखे नाली के कीडों से ज्यादा हमनें इन्सा गंदे देखे पूरे भेद ना खोलो "सागर" आँखों वाले अन्धे देखे !! मूल शायर ... डाँ.नरेश कुमार "सागर"
डाँ. अम्बेडकर फैलोसिफ
Dr.Naresh
sagar
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काग़ज़ दिल रचना (1) देशभक्ति - वतनपरस्ती (1) गीत (वेदना) (1) ग़ज़ल (मोहब्बत) (1) 5